शीघ्रपतन का आयुर्वेदिक इलाज | Shighrapatan Ka Ayurvedic Ilaj

Shighrapatan ka ayurvedic ilaj

आजकल की जीवनशैली में बिमारियों का हो जाना बहुत ही आम बात है। ऐसी ही बहुत सारी बिमारियों में से शीघ्रपतन भी एक बीमारी है जो काफी युवाओं में पायी जाने लगी है। इसे Premature Ejactulation भी कहा जाता है। 40% से भी अधिक पुरुष जीवन में कभी न कभी शीघ्रपतन के शिकार होते हैं। इनमें से कई युवक मानसिक कुंठा का शिकार हो जाते हैं।  इसके पीछे कुछ सबसे प्रमुख कारण हैं, सेक्स के प्रति कोई रूचि ना होना, हमेशा किसी न किसी चिंता में रहना, मानसिक तनाव पाया जाना। 

कई लोगों को ये ग़लतफहमी होती है कि ये बीमारी केवल मर्दों में पायी जाती है, बल्कि सच तो ये है कि ये बीमारी कई औरतों में भी पायी जाती है। सबसे बड़ी बात ये है कि अगर ऐसी कोई दिक्कत गर्भावस्था में हो जाए तो मुश्किल और भी बढ़ जाती है।

Shighrapatan ka ayurvedic ilaj

इस बीमारी को समय पर पहचानना और उसका इलाज करना बहुत ही ज़रूरी हो जाता है। जितना ज्यादा आप इसे नज़रअंदाज़ करेंगे, यह उतना ही आपकी संबंधों पर प्रभाव डालेगी।  ज्यादा समय तक कोई भी बीमारी को ठीक ना करना, उसका इलाज उतना ही मुश्किल बना देता है। 

इस आर्टिकल में हम आपको इस बीमारी के बारे में सब कुछ बताएँगे, ये क्यों होती है, ये किस तरह आपके जीवन पर प्रभाव डालती है और कैसे आप इसे ठीक कर सकते हैं। तो चलिए, शुरू करते हैं।

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लेकिन  शीघ्र पतन के इलाज पर बात करने से पहले हमें ये जानना होगा कि इसका कारण क्या होता है? 

इन्हे मुख्यतया 2 कारणों में बांटा जा सकता है:

1) शीघ्रपतन के मनोवैज्ञानिक कारण (Manovaigyanik Karan)

शीघ्रपतन के कुछ मनोवैज्ञानिक कारन भी हो सकते हैं जो निम्नलिखित हैं

बचपन में अत्यधिक हस्त मैथुन करना (Too much masturbation)

हस्त मैथुन करते वक़्त लोग अक्सर जल्दी में होते हैं। उन्हें कई बार ये चिंता होती है कि कहीं कोई उन्हें देख न ले, कही कोई आ ना जाये। और यही वजह है कि वो जल्दी से जल्दी काम निपटाने की जल्दी में होते हैं। जब आप बहुत ज्यादा हस्त मैथुन करने लगते हैं तो आपके शरीर को उसी तरह की आदत पड़ जाती है। इसके बाद जब आप कभी सेक्स करते हैं, तो आप ये समझ नहीं पाते कि आपको कोई जल्दी नहीं है। आपका शरीर ठीक उसी तरह react करता है, जैसा ये हस्त मैथुन के समय करता है। और इसी को शीघ्रपतन कहा जाता है।

सहवास में अति कर देना (Too much sex)

किसी भी चीज़ का ज़रुरत से ज्यादा बार होना नुकसानदायी होता है। यही बात सेक्स पर लागू होती है। बिना गेप लिए बार बार सेक्स करने से कमजोरी आती है। संस्कृत में भी कहा गया है, “अति सर्वत्र वर्जयेत”। आयुर्वेद हमेशा से सेक्स को एक मर्यादा पूर्ण सीमा में करने की सलाह देता है। बहुत मात्रा में सेक्स करना और आराम न लेना भी अक्सर शीघ्रपतन की बीमारी को जन्म देता है।

बचपन में हुई कोई योन शोषण की घटना (Any childhood incident about sexual harrassment)

बचपन में आपके साथ अगर ऐसी कोई दुर्घटना हुई है, तो स्वाभाविक है कि आपके सेक्सुअल जीवन में कुछ परेशानियां तो ज़रूर होंगी। हममे से कई लोग अक्सर, बचपन में हुई इन हादसों को भूलने में कामयाब नहीं हो पाते और इसका असर शादीशुदा जीवन में पड़ता है।

खुद के शरीर के प्रति नफरत की भावना (Low self confidence)

आज के समय में कई लोग ऐसे होते हैं, जो खुद के शरीर से संतुष्ट नहीं होते। उन्हें खुद की कमियां, गुणों से ज्यादा दिखाई देती हैं। ऐसी परिस्तिथि में आपका स्वाभिमान डगमगा जाता है और आपको लगता है कि आप कुछ भी काम ठीक से नहीं कर सकते। ज़रुरत से ज्यादा समय तक खुद को ऐसे हीन नज़रों से देखने पर ये कई अन्य बिमारियों को जन्म दे देता है, जैसे कि शीघ्रपतन।

शीघ्रपतन के बारे में ही सोचते रहना (Continuously worrying about Premature Ejaculation)

शीघ्रपतन की समस्या कभी कभी होना बहुत ही आम बात है। लेकिन कुछ लोग इस बात से इतने तनाव में आ जाते हैं कि हर वक़्त केवल इसी बारे में सोचते रहते हैं। ऐसा करने से कई बार कोई दिक्कत न होने पर भी शीघ्रपतन हो जाता है।

कई बार स्तम्भ दोष की वजह से भी कई पुरुष समस्या का सामना करते हैं। स्तम्भन दोष में शीघ्रपतन की समस्या होने की सम्भावना अक्सर बढ़ जाती है।

 2. शीघ्रपतन के बायोलॉजिकल कारण (Biological kaaran)

नसों की कमजोरी (Weak muscles):

वैसे तो कमजोर pelvic muscles से शीघ्रपतन की उतनी सम्भावना नहीं होती, लेकिन कभी कभी मानसिक तनाव, चिंता, आदि समस्याएं इस समस्या के साथ मिल कर शीघ्रपतन की समस्या को जन्म देती है।

हार्मोनल सम्बन्धी समस्याएं (Hormonal issues):

कई बार शरीर में हार्मोन्स में किसी प्रकार का उतर चढ़ाव या थाइरोइड स्टार में बदलाव होने पर शीघ्रपतन जैसी समस्या पैदा हो सकती है।

  • कई लोगो के दिमाग में नुरोत्रन्स्मित्टर की बीमारी होती है। इस समस्या में दिमाग के वो हिस्से जहा से आनंद लेते हैं, वह संकेत ही नहीं पहुँच पाते। जिससे शीघ्रपतन की समस्या शुरू होती है।
  • कभी कभी मूत्रमार्ग या प्रोटेस्ट में किसी प्रकार का संक्रमण होने पर भी शीघ्रपतन की समस्या बन जाती है।
  • जन्म जात नामर्दी का होना

इसके अलावा कई अन्य कारण होते हैं जिनकी वजह से शीघ्रपतन की समस्या होती है, जैसे कि:

  • सेक्स करने का ज्यादा अनुभव नहीं होना
  • नए साथी के साथ सेक्स करना
  • कभी कभी कुछ ऐसी पोसिशन्स भी होती है जहाँ शीघ्रपतन हो जाता है 
  • अगर आपने बहुत समय से सेक्स नहीं किया है, तो शीघ्रपतन हो सकता है 
  • अगर आपको हमेशा ये डर रहता है कि क्या आप अपने साथी को संतुष्ट कर पा रहे हैं या नहीं, तो शीघ्रपतन हो सकता है 
  • कभी कभी किसी दवाई के साइड इफ़ेक्ट से भी प्रेमातुर एजकलशं की समस्या आ सकती है
  • अगर आपके अपने साथी के साथ रिश्ते बहुत अच्छे नहीं हैं, तो भी शीघ्रपतन की समस्या का जन्म हो सकता है 

इन कारणों में से केवल जन्म जात नामर्दी का उपाय मुश्किल है। बाकी शीघ्रपतन का शत प्रतिशत इलाज संभव है।

यूँ तो शीघ्रपतन के कई सारे आयुर्वेदिक इलाज संभव हैं, पर उससे पहले यहाँ कुछ आसान घरेलु उपाय हैं जिनसे भी आप लाभ हो सकता है.

शीघ्रपतन का देसी उपचार:

रोज़ व्यायाम करना शुरू कर दें: 

Premature Ejaculation में सुधार लाने का सबसे पहला उपाय ये है कि आप रोज़ व्यायाम करना शुरू कर दें। ध्यान दें कि आप जांघो और पैरों की कसरत ज्यादा करें। तेज़ कदम से चलना, दंड बैठक लगाना, साइकिल चलना आदि। साथ में प्राणायाम शुरू कर दें तो क्या ही कहने। 

पेल्विक कसरत:  

कीगल एक्सरसाइज की मदद से इन पेल्विक मसल्स को मजबूत किया जाता है। इस तरह की एक्सरसाइज में जननेन्द्रियों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने की कोशिश की जाती है। अगर आप ये एक्सरसाइज नियमित रूप से करें, तो आपके पेल्विक एरिया में खून का प्रवाह ठीक होता है, जिससे ये मांसपेशियां मजबूत होती हैं। मांसपेशियां मजबूत होने पर संवेदनशीलता बढ़ती है और मर्द जल्दी उत्तेजित हो जाते हैं।

सबसे अच्छी बात तो ये है कि कीगल एक्सरसाइज आप कहीं भी कर सकते हैं। चाहे चलते हुए, काम करते वक़्त, लेते हुए, किसी भी मुद्रा में इस एक्सरसाइज को किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं, कि कैसे ये एक्सरसाइज करें.

इन्हे करने के लिए सबसे पहले पेशाब करते वक़्त बीच वाली मांसपेशियों को भींचे। जैसे पेशाब करते वक़्त आप रोकते हैं, वैसे ही अभी भी रोकें। इसी क्रिया को दिन में कम से कम 30-40 बार दोहराएं। जितनी ज्यादा देर तक रोक पाएं, कोशिश करें। जल्दी ही आपको असरदार परिणाम देखने मिलेंगे।

स्खलन रिफ्लेक्स पर नियंत्रण बनाये: 

शीघ्रपतन से छुटकारा पाने के लिए कोशिश करें, कि अपने स्खलन रिफ्लेक्स पर थोड़ा नियंत्रण लाने की कोशिश करें। पहले हस्थमैथुन से शुरुआत करें। जैसे ही आपको लगे की वीर्यपात होने वाला है, रुक जाएँ। फिर से क्रिया शुरू करें, धीरे धीरे इस पर आपका पूरा नियंत्रण हो जायेगा और शीघ्रपतन की समस्या दूर हो जाएगी।

कंडोम का इस्तेमाल करें:

कंडोम के इस्तेमाल से संवेदनाएं कम हो जाती हैं। अगर आपको कम संवेदना हो रही है तो वीर्यपात उतना जल्दी नहीं होगा। किसी भी अच्छी ब्रांड का कंडोम प्रयोग करें और धीरे धीरे इस बीमारी से निजात पाएं।

सेक्स से पहले हस्तमैथुन करें:

अगली बार जब भी सेक्स करें, उससे पहले हस्थमैथुन कर लें। इसके कई सारे फायदे हैं। पहले हस्तमैथुन करने से आप सेक्स में ज्यादा देर तक रुक पाएंगे। साथ ही शीघ्रपतन की समस्या भी नहीं होगी।

शीघ्रपतन की दवाई लें: 

बाजार में कई तरह की दवाइयां मिलती हैं, जिनकी मदद से इस बीमारी से छुटकारा पाए जा सकता है। लेकिन किसी भी दवाई (Shighrapatan ki medicine) का प्रयोग करने से पहले उसके बारे में अच्छे से रिसर्च कर लें। इसके अलावा कई सारी ऐसी क्रीम्स भी होती हैं जो उस जगह को सुन्न करने के काम आती हैं। मगर जैसा कि हमने कहा, बिना अपने डॉक्टर से बात किये, कोई भी दवाई (Shighrapatan medicine) ना लें, क्यूंकि हो सकता है कोई दवाई आपके लिए साइड इफ़ेक्ट कर जाए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही आगे बढ़ें।

ये तो हुई एक्सरसाइज की बात, अब बात करते हैं ऐसी कुछ चीज़ों कि जिन्हे खाने से शीघ्रपन की समस्या में फर्क पड़ता है। इन चीज़ो को दवाई के रूप में लेने से आपको बहुत फ़ायदा होगा, और सबसे अच्छी बात ये है कि इनसे कोई नुकसान भी नहीं होता।

Shighrapatan ki ayurvedic medicine:

1. मुनक्के का प्रयोग (Raisin for Shighrapatan)

Munakke for PE

मुनक्के के आयुर्वेद में कई सारे फायदे बताये गए  हैं। मुनक्के कई सारे मामलों में मदद करते हैं, जैसे कि :

  • गैस की समस्या दूर करने में
  • नेत्र शक्ति बढ़ाने में
  • वजन बढ़ाने में
  • कैंसर रोकने में
  • सर दर्द की समस्या दूर करने में 

लेकिन इस सबके अलावा मुनक्के शीघ्रपतन के आयुर्वेदिक इलाज के रूप में भी जाने जाते हैं। प्रतिदिन एक फिक्स मात्रा में मुनक्के खाने से आपके शरीर में वीर्य की मात्रा की बढ़ जाती है, इसके अलावा ये खून की कमी को भी पूरा करता है।

मुनक्के खाना बहुत ही आसान है। एक नियम बना लें, कि रोज़ 60gm  मुनक्के लें और इन्हे भिगो दें। ध्यान रहे, कि इन्हे 12 घंटे के लिए भिगोये रखें, और उसके बाद बहार निकाल कर धीरे धीरे चबा कर खाएं। अगर आप एक साल में 4 किलो तक मुनक्का खा पाएं, तो ये आपको अद्भुत परिणाम देगा।

2. जामुन का प्रयोग उपचार में (Black Plum ka upyog Shighrapatan ke ilaaj me)

jamun for early discharge

अगर आपको मुनक्के खाने में दिक्कत होती है, तो आप जामुन को भी शीघ्रपतन की मेडिसिन की तरह प्रयोग कर सकते हैं। रोज़ जामुन खाने से वीर्य का काउंट भी बढ़ता है, इसके अलावा ये वीर्य को भी गाढ़ा करता है। वीर्य (Semen) पतला होना, अक्सर शीघ्रपतन को जन्म देता है। क्यूंकि, इससे थोड़ा सा उत्तेजित होते है, मर्द स्खलित हो जाते हैं, जो कि शीघ्रपतन को जन्म देता है। 

तो अगर आप अपने वीर्य को गाढ़ा करना चाहते हैं, तो जामुन लेना शुरू करें। रोज़ शाम को तक़रीबन 5gm जामुन ले आएं, फिर इनकी गुठली का चूर्ण बनाये और इसे दूध के साथ ग्रहण करें। यकीन मानिये, इससे आपकी सेक्स टाइमिंग भी बढ़ेगी, और कुछ ही हफ़्तों में आपको असर देखने को मिलेगा।

3. इसबगोल का प्रयोग (Isabgol)

Isabgol

इसबगोल हमारे घर में पाए जाने वाली बहुत ही आम चीज़ है। कब्जी से लेकर दस्त तक, इसबगोल के कई फायदे हैं। इसके अलावा इसका उपयोग वजन कम करने में और पेट साफ़ करने में भी किया जाता है।

इसबगोल के कई अन्य फायदे है, जैसे:

  • पाचन क्रिया बढ़ाना
  • डायबिटीज को कण्ट्रोल करना

शीघ्रपतन ठीक करने में भी इसबगोल का बहुत बड़ा योगदान होता है। अगर आप शीघ्रपतन से परेशां हैं, तो एक नियम बनायें कि रोज़ 5 ग्राम  मिश्री और 5 ग्राम इसबगोल लें और पानी में घोल कर पी लें। इससे शीघ्रपतन में बहुत बड़ा फ़ायदा होगा। नियमित रूप से इस क्रिया को करने से आपको जल्दी ही शीघ्रपतन में फर्क दिखाई देने लगेगा।

4. शीघ्रपतन की मेडिसिन- दालचीनी (Cinnamon)

Dalchini

दालचीनी के अनगिनत फायदे हैं, जिनसे हम सभी परिचित हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि दालचीनी मर्दों के यौन संबंधों में भी असरदार है। दालचीनी का प्रयोग अक्सर दस्त या गैस सम्बन्धी समस्याओं में किया जाता है। लेकिन इसका प्रयोग औरतों में मासिक धर्म में होने वाले दर्द में और मर्दों में शीघ्रपतन जैसी बीमारी का इलाज करने में भी होता है। अगर आप सोच रहे हैं, कि दालचीनी शीघ्रपतन को ठीक करने में कैसे मदद करती है, तो आगे ज़रूर पढ़िए।

सबसे पहले 2 चम्मच दालचीनी का चूर्ण ले और इसे 5 चम्मच पानी में मिला ले। अब इस घोल को रोज़ खाने के बाद सेवन करे। ध्यान रहे कि ये आपको दिन में 2 बार करना हैं।

दालचीनी में 3 बहुत ही असरदार गुण होते हैं, 

1) दालचीनी 

2) दालचीनी शराब 

3) सिनामाल्डेहाइड 

ये तीनो चीज़ें आपकी यौन समस्याओं को दूर रखती हैं। दालचीनी की छाल में एक तरह का बंधनकारी तेल पाया जाता है। यह तेल पेट की काफी बिमारियों को दूर करते हुए पाचन शक्ति बढ़ाता है। पाचन शक्ति अच्छी होने पर शीघ्रपतन की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।

जल्दी परिणाम देखने के लिए दालचीनी को दूध के साथ लें। इससे ना सिर्फ आपका पाचन बेहतर होगा, बल्कि वीर्य की मात्रा भी बढ़ती है। नियमित रूप से इस नुस्खे को अपनाने पर आप जल्दी ही अच्छे परिणाम देखेंगे।

5. चने से पाएं शीघ्रपतन से छुटकारा (Chickpeas ka prayog)

Kaale Chane

चना अपने आप में बहुत ज्यादा गुणकारी होता है। चने में पाए जाने वाला प्रोटीन, और फोलिक एसिड शरीर को शक्ति देता है। इसके अलावा, चने में कैल्शियम,रेशे, फास्फोरस भी होता है। इसलिए चना शारीरिक शक्ति और मजबूती बढ़ाने में बहुत असरदायक है।  चना खाने से वीर्य गधा होता है। बेहतर परिणाम के लिए, चनो को भिगो लें और दूध के साथ लें।

इसके अलावा चने ह्रदय के रोगों में, मधुमेह में, और कैंसर में भी लाभदायी है।

6. तुलसी का प्रयोग (Tulsi)

tulsi seeds

तुलसी का प्रयोग कई सारी बिमारियों में किया जाता है। लेकिन शायद आप ये नहीं जानते, की तुलसी शीघ्रपतन की समस्या में भी भी असरकारक है।

आप तुलसी के कुछ बीज लें, और उन्हे पीस लें। फिर इसे दूध में डाल कर सेवन शुरू करें। यह क्रिया वीर्य को ना सिर्फ गाढ़ा करती है, बल्कि मात्रा भी बढ़ाती है।

सबसे अच्छी बात ये है कि ये सभी चीज़ें आपको बहुत ही आसानी से मिल जाएँगी। और अगर आप प्रतिदिन इन चीज़ो का ध्यान रखें, तो ये बीमारी को ख़त्म होने में ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा।

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11 thoughts on “शीघ्रपतन का आयुर्वेदिक इलाज | Shighrapatan Ka Ayurvedic Ilaj”

  1. Hello Sr, hm lgvg 5 sal se musterbating krte the or esi karn says hmko nightfall,pre ejeculation,and pesab ke aage piche dhat v gir rhe h Sr,, plz help hm Bhut paresan h sr ….koi upay btaye

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